WEBVTT

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00:00:03.000 --> 00:00:04.400
ऐसी सुबह की कल्पना करें जिसमें

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00:00:04.400 --> 00:00:06.300
रास्ते से जूझना न पड़े।

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00:00:06.420 --> 00:00:08.420
आप घर से निकलकर जानते हैं:

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00:00:08.700 --> 00:00:11.670
ज़रूरी मार्ग पास है, सवारी बदलना सरल है,

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00:00:11.670 --> 00:00:13.340
और यात्रा के बाद ऊर्जा बचती है

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00:00:13.340 --> 00:00:15.820
सबसे ज़रूरी चीज़—जीवन के लिए।

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00:00:16.080 --> 00:00:19.240
नई व्यवस्था का परिवहन भविष्य की छवि है,

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00:00:19.240 --> 00:00:21.060
जहाँ आवागमन मनुष्य की सेवा करे।

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00:00:21.320 --> 00:00:24.340
जहाँ दूरी अवसर न छीने

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00:00:24.340 --> 00:00:26.780
सीखने, काम करने, अपनों की देखभाल

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00:00:26.780 --> 00:00:29.920
और आज का दिन कैसा हो, यह चुनने का।

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00:00:30.000 --> 00:00:32.570
ऐसे नगर में पैदल चलना सुविधाजनक है।

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00:00:32.570 --> 00:00:35.960
सहजता से सड़क पार कर सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं,

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00:00:35.960 --> 00:00:38.480
बच्चे की गाड़ी के साथ बस में चढ़ सकते हैं।

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00:00:38.480 --> 00:00:41.620
सुलभता परिवेश की सामान्य विशेषता बनती है:

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00:00:41.620 --> 00:00:43.900
घर की दहलीज़ से अंतिम पड़ाव तक।

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00:00:44.800 --> 00:00:47.020
सार्वजनिक परिवहन बार-बार आता है,

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00:00:47.220 --> 00:00:49.400
मार्ग आपस में जुड़े हैं,

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00:00:49.400 --> 00:00:51.580
और सूचना सबको समझ आती है।

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00:00:51.720 --> 00:00:54.030
उसे भी, जिसके पास स्मार्टफ़ोन नहीं है।

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00:00:54.280 --> 00:00:56.260
निजी कार एक विकल्प बनी रहती है,

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00:00:56.800 --> 00:00:59.540
और उसके बिना भी भरपूर जीवन संभव है।

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00:00:59.800 --> 00:01:02.860
यह भविष्य नगर की सीमा के बाहर भी जारी है।

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00:01:03.140 --> 00:01:04.840
गाँव में भी भरोसेमंद रास्ता चाहिए

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00:01:04.840 --> 00:01:09.040
चिकित्सक, स्कूल, काम और रेलवे स्टेशन तक।

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00:01:09.540 --> 00:01:11.660
छोटी बस्तियाँ भी

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00:01:11.660 --> 00:01:14.260
अवसरों के साझा संसार का हिस्सा बनी रहें।

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00:01:14.540 --> 00:01:18.860
नगरों के बीच सुविधाजनक रेल और समन्वित कनेक्शन हों।

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00:01:19.140 --> 00:01:20.760
यात्रा समय बन सकती है

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00:01:20.760 --> 00:01:23.880
पढ़ने, बातचीत या आराम का।

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00:01:24.220 --> 00:01:27.450
अपनों से मिलना ऐसा कठिन अभियान न लगे,

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00:01:27.450 --> 00:01:30.200
जिसे बार-बार टालना पड़े।

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00:01:30.200 --> 00:01:32.760
इस सरलता के पीछे बड़ा काम है:

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00:01:32.980 --> 00:01:36.200
सोची-समझी अवसंरचना, सुलभ पड़ाव,

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00:01:36.200 --> 00:01:38.620
समय पर मरम्मत, चालकों, अभियंताओं

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00:01:38.620 --> 00:01:41.840
और नियंत्रकों के श्रम का सम्मान।

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00:01:41.840 --> 00:01:46.040
भविष्य नए समाधानों और रोज़मर्रा की विश्वसनीयता से बनता है।

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00:01:46.120 --> 00:01:48.300
प्रौद्योगिकी अत्यधिक भार पहचानने,

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00:01:48.300 --> 00:01:52.860
मार्ग मिलाने, ऊर्जा बचाने और खराबियाँ रोकने में मदद करती है।

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00:01:52.860 --> 00:01:56.040
उसका मूल्य मानवीय बातों से मापा जाता है:

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00:01:56.200 --> 00:01:58.340
कितना समय बचा,

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00:01:58.340 --> 00:02:00.500
यात्रा कितनी सहज हुई,

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00:02:00.560 --> 00:02:03.540
किसे पहले अनुपलब्ध अवसर मिला।

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00:02:03.740 --> 00:02:07.040
माल की डिलीवरी भी साझा विचार का हिस्सा बनती है।

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00:02:07.280 --> 00:02:11.700
अनावश्यक फेरे कम, आपूर्ति सुविधाजनक, आवासीय सड़कें शांत।

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00:02:12.060 --> 00:02:14.760
पर्यावरण-अनुकूलता परिवहन की पूरी यात्रा देखती है:

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00:02:14.880 --> 00:02:19.090
उत्पादन, ऊर्जा स्रोत, रखरखाव, मरम्मत

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00:02:19.090 --> 00:02:21.560
और पदार्थों का आगे उपयोग।

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00:02:21.660 --> 00:02:24.580
मुख्य प्रश्न है—लोग कैसे जीते हैं।

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00:02:24.740 --> 00:02:27.660
क्या बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुँच सकता है?

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00:02:27.660 --> 00:02:31.240
क्या बुज़ुर्ग खुद मित्रों से मिलने जा सकता है?

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00:02:31.240 --> 00:02:33.600
क्या परिवार के पास साथ रहने का समय है?

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00:02:34.040 --> 00:02:37.080
नई व्यवस्था का परिवहन इसी देखभाल से शुरू होता है।

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00:02:37.220 --> 00:02:41.980
यह नगरों, गाँवों, पीढ़ियों और अवसरों को जोड़ता है।

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00:02:42.040 --> 00:02:45.240
मनुष्य को समय और आवागमन की स्वतंत्रता लौटाता है।

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00:02:45.320 --> 00:02:47.100
ताकि रास्ता जीने में मदद करे।

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00:02:47.500 --> 00:02:49.580
SFERA — सीमाओं से परे संसार।

