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हर युग एक सपने से शुरू होता है।

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क्षितिज के पार ऐसा देश देखने का सपना,

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जहाँ शक्ति जीवन की सेवा करे,

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ज्ञान संभावनाएँ खोले,

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और मनुष्य की गरिमा सफलता का माप बने।

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भविष्य के रूस की कल्पना करें।

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महान धरती के ऊपर सूरज उगता है।

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नगर और गाँव जागते हैं।

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हर घर में गर्माहट है,

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हर काम में अर्थ,

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हर बच्चे में प्रतिभाओं का पूरा ब्रह्मांड।

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स्वर्ण युग कर्मों से जन्म लेता है।

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जब शिक्षक खुद पर विश्वास करना सिखाता है।

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वैज्ञानिक अपनी खोज को लोगों की सहायता में बदलता है।

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किसान उपजाऊ मिट्टी सहेजता है।

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और कारीगर ऐसी चीज़ बनाता है जो पीढ़ियों तक काम आए।

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प्रौद्योगिकी सृजन के लिए समय बचाती है।

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स्वच्छ ऊर्जा नगरों को शक्ति देती है।

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नई सड़कें स्थानों को जोड़ती हैं,

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और संस्कृति दिलों को जोड़ती है।

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हम सम्मान की नींव पर नई विश्व व्यवस्था बना सकते हैं।

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जनसमुदायों के इस अधिकार पर—अपनी भाषा सहेजना

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और अपना मार्ग चुनना।

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ईमानदार सहयोग,

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परस्पर ज़िम्मेदारी

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और साझा घर—पृथ्वी की देखभाल पर।

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ऐसे संसार में संपन्नता जीवन की गुणवत्ता से मापी जाती है।

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शक्ति—सृजन की क्षमता से।

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भविष्य—उन अवसरों से जो हम बच्चों के लिए छोड़ते हैं।

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रूस इस संसार को अपना उपहार दे सकता है:

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विचारों का विस्तार, संस्कृति की गहराई,

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खोजों का साहस

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और बड़े कार्य के लिए लोगों को जोड़ने की प्रतिभा।

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स्वर्ण युग हमारे चुनाव से शुरू होता है।

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सीखें। काम करें।

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सहेजें। रचें।

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रूस। सृजन का समय।

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SFERA — सीमाओं से परे संसार।

