WEBVTT

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सब एक प्रश्न से शुरू होता है: ऐसा हो तो?

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चिंगारी खोज बनती है।

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खोज तकनीक बनती है।

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तकनीक देश का जीवन बदलती है।

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पॉलिटेक्निक संग्रहालय।

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रूस का तकनीकी स्वरूप।

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अठारह सौ बहत्तर से यह स्थान

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वैज्ञानिक और अभियांत्रिकी चिंतन का इतिहास सँजोता है।

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दो लाख से अधिक वस्तुएँ।

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हर वस्तु के पीछे उन लोगों की खोज, साहस और मेहनत है,

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जिन्होंने संसार को आगे बढ़ाया।

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यांत्रिकी से बिजली तक।

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रेडियो संकेतों से संगणना तक।

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मशीनें अधिक सटीक काम करती हैं।

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सूचना तेज़ी से पहुँचती है।

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तकनीक का इतिहास बताता है: कैसे वे समाधान जन्मे,

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जिनके बिना आज जीवन की कल्पना नहीं।

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नई सामग्रियाँ।

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सटीक रोबोटिकी।

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ऊर्जा।

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अंतरिक्ष।

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आज का विचार कल का औज़ार बनता है।

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पर हर बड़ी खोज के केंद्र में मनुष्य है:

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उसकी कल्पना, ज्ञान और सृजन की इच्छा।

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पॉलिटेक विज्ञान और समाज का मिलनस्थल है।

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यहाँ अतीत भविष्य से संवाद करता है।

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ताकि जटिलता समझ में आए।

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ताकि जिज्ञासा अनुभव बने, और अनुभव

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नई खोज बने।

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पॉलिटेक्निक संग्रहालय।

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रूस का तकनीकी स्वरूप।

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00:01:18.860 --> 00:01:20.580
तीन सौ पैंसठ और एक।

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और दूर देखें।

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और निडर होकर सोचें।

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मिलकर सृजन करें।

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भविष्य प्रश्न से शुरू होकर कर्म में आगे बढ़ता है।

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SFERA।

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सीमाओं से परे संसार।

